धर्मयुद्धका निमन्त्रण April 6, 2025December 16, 2025 - आर्यवीर क्षात्रधर्म राजधर्म हिन्दूराष्ट्र श्री हरि: श्रीगणेशाय नमः नारायणाखिलगुरो भगवन् नमस्ते श्रियं सरस्वतीं गौरीं गणेशं स्कन्दमीश्वरम्। ब्रह्माणं वह्निमिन्द्रादीन् वासुदेवं नमाम्यहम्॥ "लक्ष्मी, सरस्वती, गौरी, गणेश, कार्तिकेय,शिव, ब्रह्मा एवम् इन्द्रादि देवोंको तथावासुदेवको मैं नमस्कार करता हूँ।।" धर्मयुद्धका निमन्त्रण धर्मयुद्धका निमन्त्रण नहीं भेजा जाताजो वीर होते हैं वो स्वयं मैदानमें आ जाते हैं। मित्रैः सह साझां कुर्वन्तु